भाभी की चुत बहुत बड़ी थी

हेलो दोस्तों कैसे है आप सब दोस्तों आज में जो कहानी आप के सामने पेस करने वाला हु वो एक सच्ची घटना है जो मेरे साथ हुई। दोस्तों मेरा नाम कमलेश है में रणकपुर में एक छोटे से कस्बे में रहता हु। वहा मेरे घर के पास एक परिवार मतलब मेरे पडोसी रहते है दोस्तों उस परिवार में टोटल 4 लोग रहते थे अंकल आंटी और उनका 28 साल  का लड़का और उनकी बहु अंकल का नाम राकेश थे और उनके बेटे का नाम मनीष दोस्तों मनीष की शादी हुए 5 साल हो चुके थे लेकिन भाभी के कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ था दोस्तों भाभी बहुत ही खूबसूरत थी भाभी का नाम रवीना था में रवीना भाभी पर पिछले 3 सालो से पड़ा हुआ हु में उनको बहुत पटाने की कोशिस की लेकिन हर बार फेल हो गया। रवीना भाभी बहुत कामुक और सेक्सी औरत है रवीना भाभी बहुत से सीधी है दोस्तों उनका फिगर 34-30-36 रवीना दिखने में बहुत खूबसूरत है में उनके नाम की रोज मुठ मारता हु। दोस्तों लेकिन रवीना भाभी ने कभी मुझे उस नज़र से नहीं देखा।

लेकिन भाभी चालू थी ये मुझे मालूम था क्यों की शादी के बाद से ही मेने देखा की रवीना अक्षर मोबाइल से किसी लड़के से बात करती थी। रवीना भाभी जिस अंदाज से फ़ोन पे बात करती थी मुझे भाभी पर फुल डाउट आगया की भाभी चालू है इस लिए मेने भी ठान लिया की इस रंडी को तो चोद के ही दम लूंगा। अंकल आंटी एक कपडे की मिल में काम करते थे और मनीष एक कॉल सेंटर में काम करता है। इस लिए उन लोगो के जाने के बाद रवीना एकेली रहती थी तो जैसे वो लोग जाते थे रवीना मोबाइल पे चालू हो जाती थी। एक दिन मेने भी जुगाड़ कर के रवीना भाभी के मोबाइल नंबर ले लिया और धीरे धीरे हमारी भी नार्मल बाटे होने लगी तो एक दिन भाभी ने बातो बातो में मुझे बता दिया की मनीष का किसी लड़की से चकर है मनीष मुझपे बिल कुल ध्यान नहीं देता है तो मेने भी मोके पे चौका लगा दिया

actully मेने रवीना भाभी की तारीफ करते हुए कहा की कोई पागल आदमी होगा जो आप को छोड़ के किसी और लड़की के बारे में सोचेगा आप कितनी खूबसूरत हो और साथ में मेने ये भी कह दिया की अगर में आप का पति होता तो 24 घंटे में से में ओनली 12 घंटे तो में आप के आस पास ही रहता और भाभी ने कहा ओह्ह्ह दोस्तों मैं औरत की एक खास कमजोरी जानता हूँ अगर उसकी तारीफ की जाए तो उससे कुछ भी किया जा सकता है। दोस्तों मेरे घर और रवीना के घर की छत एक दूसरे से जुडी हुई है भाभी जब भी कपड़े डालने जाती तो मैं भी अपनी छत पे चला जाता और भाभी की तारीफ करता। ‘आज तो आप बिलकुल जन्नत कीअप्सरा लग रही हैं… आज आपने काजल लगा कर मेरे दिल पे बिजली गिरा दी है..’ इस सब से थक-हार कर एक दिन भाभी ने मुझसे पूछ ही लिया।‘कमलेश तुम मुझसे चाहते क्या हो? क्या तुम मुझसे प्यार करते हो?’ मैंने कहा- भाभी मैं आपको प्यार करने लगा हूँ। तो भाभी ने मुझको कहा की में शादी शुदा हु।

तो  मेने कहा की में वो में कुछ नहीं जानता में तो बस आप से प्यार करना जानता हु और दोस्तों उस दिन से मेरी किस्मत थोड़ी चमकने लगी क्यों की अब रवीना भाभी मुजमे थोड़ा इंटरस्ट लेने लगी। एक दिन की बात है जब रवीना भाभी नहा कर छत पर कपडे सुखाने आई तो में रेलिंग लांग कर भाभी के पास पहुंच गया दोस्तों भाभी के बड़े बड़े बूब्स उनके ब्लॉउस से बहार निकल ने को आतुर थे। जैसे में रवीना के पास पंहुचा उनकी चूचियाँ ऊपर निचे होने लगी। और आज मेने सोचा लिया की आज इस रंडी को छोड़ के रहुगा आज मुझे कोई नहीं रोक सकता क्यों की जैसे में उनके पास गया तो उसने कहा की कोई देख लेगा मेरा 7 इंच का लैंड ख़ुशी के मारे फुल कड़क हो गया और ये रवीना भाभी ने देख लिया और वो वापस अपने घर के अंदर जाने लगी।

तो मे भी भाभी के पीछे पीछे भागा और उनको पीछे से पकड़ ने के चक्कर में मेरे दोनों हाथ उनके बूब्स पर आगये  वो वहीं रुक गई.. घर में कोई नहीं था तो मैं भी डरा नहीं और दोनों हाथों से ब्लाउज के ऊपर से ही उनकी चूचियाँ दबाने लगा। मैं जानबूझ कर अपनी सांसें उसकी गर्दन पर तेजी से छोड़ने लगा।भाभी की सिसकारियाँ निकलने लगीं तो मुझे और भी रोमांच आने लगा। उन्हें और भी उत्तेजित करने के लिए मैं उसकी गर्दन पर चुम्बन करने लगा। मैंने रवीना भाभी के गाल और कान को भी अपने दांतों से काटा तो भाभी की सेक्सी सिसकारियाँ निकलने लगीं। इसके साथ ही मैंने रवीना भाभी का ब्लाउज नीचे से पकड़ कर ब्रा सहित ऊपर कर दिया.. रवीना ने कोई विरोध नहीं किया। अब मेरे हाथों में भाभी की चूचियाँ थीं.. जिनके लिए मैं बरसों से तरस रहा था। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि आज मेरी बरसों पुरानी तमन्ना पूरी हो रही थी।

रवीना के गांड की दरार में मेरा खड़ा लंड समा जाने के लिए फुफकार मार रहा था। रवीना के रोयें खड़े हो रहे थे।मैं सामने आकर बूब्स के निप्पल को एक-एक करके चूसने लगा.. तो फिर से भाभी के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं। अब मैंने बूब्स को छोड़ कर रवीना के सर को पकड़ कर.. उनके होंठों को चाटना शुरू कर दिया।रवीना भी मेरा साथ देने लगी और उत्तेजना के मारे जोर-जोर से सिसकारी भरने लगी।रवीना भाभी की सांसें तेजी से चल रही थीं.. हर साँस के साथ बूब्स भी आगे-पीछे होने लगी थी। कई बार मुझे ऐसा लगा कि रवीना भाभी बिलकुल मदहोश होकर अपने शरीर को ढीला छोड़ दे रही थीं। मैंने बार-बार रवीना को अपनी बाँहों का सहारा दिया।शायद यह रवीना की उत्तेजना के कारण हो रहा था।रवीना भाभी अब काफी उत्तेजित हो गई थीं। मेरा लंड लोहे के जैसा सख्त हो चुका था।

रवीना ने कहा- अब देर न करो कमलेश.. मुझे चोद दो.. मेरे पति मनीष किसी और के चक्कर में पड़ कर मुझे दो महीने से चोदना भूल गए हैं। मैं बहुत ही प्यासी हूँ.. आज मेरी प्यास बुझा दो मेरे कमलेश।मैं उनके मुँह से ‘चोदो’ शब्द सुन कर बहुत उत्तेजित हो गया और रवीना को गोद में उठा कर उनके बैडरूम में ले जा के पलंग पर पटक कर उनके कपड़े उतारने लगा।कपड़े उतारते समय मैंने देखा कि उनका गुलाबी पेटीकोट चूत के पास काफी भीगा हुआ था।रवीना भाभी ने मेरे कपड़े निकाल कर फेंक दिए।रवीना अब पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी.. मैं भी पूरा नंगा था। मैंने भाभी की चूत देखी.. उनकी फूली हुई चूत देख कर मैं तो हैरान हो गया।क्योंकि उनकी चूत बहुत बड़े आकार की थी। मैंने कई लड़कियों और औरतों की चुदाई की है लेकिन इतनी बड़ी चूत मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार देखी थी।

उनकी किंग साइज़ चूत पर एक भी बाल नहीं थे.. जैसे लगता था कि आज ही बाल साफ किए हों। मदमस्त चूत पूरी तरह से गीली और रसीली हो चुकी थी।मैं समझ गया कि आज रवीना भाभी पूरी तरह से चुदवाने के लिये मूड बना चुकी थी। उनकी चूत देख कर मेरी जीभ चूत चाटने के लिए लपलपाने लगी।लेकिन रवीना भाभी ने मुझे चूत चाटने नहीं दी.. उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया। मैं रवीना के ऊपर चढ़ गया और होंठ से होंठ मिला दिए.. मेरे दोनों हाथ उनकी बड़ी-बड़ी चूचियों को कस कर मसल रहे थे।मेरा लंड भाभी की चूत के मुँह पर था.. चूत से तेजी से चूत-रस बह रहा था।तभी भाभी ने मेरे लंड को पकड़ कर अपनी गांड तेजी से उठा दी।रवीना के ऐसा करने से मेरा आधा लंड भाभी की चूत में घुस गया तो मुझे भी ताव आ गया।

अब मैंने रवीना भाभी की चूत ‘गपागप’ मारनी शुरू कर दी।करीब 40 से 50  झटकों के बाद ही भाभी ने अपनी गांड तेजी से उठानी शुरू कर  दी।अब रवीना भाभी की गांड का झटका नीचे से आता और मेरे लंड का झटका ऊपर से लगता तो ऐसा लगता कि मानो मैं तो स्वर्ग में पहुँच गया हूँ।हम दोनों लगभग साथ में ही झड़ गए।भाभी ने मुझे तेजी से जकड़ लिया और मेरी पीठ पर अपने नाखून गड़ा दिया।मैंने लंड निकाल कर भाभी की चूत फिर से देखी.. चूत वास्तव में बहुत ही बड़ी थी। चुत के होंठ भी काफी बड़े थे।चूत से वीर्य निकल कर बाहर आ रहा था।

मेरा मन तो कर रहा था कि चूत को चाट लूँ लेकिन वीर्य के कारण घिन आ रही थी।अब रवीना भाभी मुस्कुरा रही थी.. उसने कहा- आखिर चोद ही दिया ना अपनी भाभी को? उसने मेरे सर को अपनी चूचियों में दबा लिया औरमेरे बालों को सहलाने लगी।मैंने रवीना भाभी से पूछा- आपकी चूत इतनी बड़ी कैसे है?भाभी ने कहा- तुम खुद समझ लो कैसे बताऊँ तुम्हें?तभी मम्मी का फ़ोन आ गया.. तो मैं अपने घर चला आया।इसके बाद मैंने लगभग एक साल तक लगातार भाभी की चुदाई की और खूब मजे किये।

Author: Chudaiporn

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