गरमा गरम लंड पेल दिया वर्जिन चुत में

दोस्तों मेरा नाम संजू है और में सिखर में रहता हूँ।  मेरी स्कूल में एक दोस्त थी जिसका नाम नमिता था। और आज में आप सभी को उसकी जोरदार ठुकाई यानि की चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ। दोस्तों यु मुझे कंप्यूटर की कोई जानकारी नहीं है लेकिन मेरे दोस्तों को ऐसा लगता है की में कम्यूटर में एक्सपर्ट हु क्यों की में चुदाईस्टोरी पर रोज स्टोरी पढता हु तो उनको ये लगता है की मुझे सब नॉलेज है। में नमिता की लाइफ में वो लड़का था जिसके अंदर चुदाई करने का जोश कुठ कुठ के भरा था | मेरी नमिता से मिलने की वजह थी मेरा कंप्यूटर नॉलेज दोस्तों एक दिन की बात है मेरी एक दोस्त मनीषा ने मुझे बताया की उसकी एक फ्रेंड है जिसको कंप्यूटर पर ऑनलाइन कुछ काम करना है। और उसने मुझे कहा की में उसकी फ्रेंड नमिता की मदद करू।

तो मेने भी उसे कह दिया की नमिता को इविनिंग में मेरे हाउस पर भेज देना | शाम को जब नमिता मेरे घर पे आई तो दोस्तों उसका तन बदन देखने ही लायक था | साली रंडी ने काला बिन बाजू वाला टॉप पहना हुआ था और नीचे एक कसी हुई पैंट | हमारी वो पहली मुलाक़ात और पहली व् आखिर चुदाई का दिन था | नमिता आई और हम दोनों एक दसरे से परिचित होते हुए बस बैठ अपना काम करने लगे | मुझसे पर कतई भी रुका न गया तो मैंने हौले – हौले उसके हाथ को सहलाना शुरू कर दिया जिससे नमिता गरम होने लगी थी जब उसने कुछ नहीं कहा तो मैं बस सब कुछ भूल उसे चूमने लगा और वो भी अब मुझे सहयोग करते उए होंठ चूसने में खो गयी |

नमिता कुर्सी पर बैठी हुई थी और मैंने उसके कंधे दबाते हुए प्यार से उसके टॉप को खींच उतार दिया और नंगे मोटे चुचों को दबाने लगा और फिर आगे से मुंह भरकर चूसने लगा | मैंने अब वहीँ नीचे उसे लेटा लिया और प्यारा से उसके कपडे उतार नंगी कर दिया | मैं नमिता की चुत की फांकों में ऊँगली भी करने लगा और भी ज़ोरों से अपनी अपनी उंगलियां अंदर बहार करने लगा | जब मैंने ध्यान दिया की नमिता बिलकुल बेसुध हो चुकी है तो मैंने उसकी चुत पर अपना काला लंड टिका दिया और झट से धक्का मारना शुरू कर दिया | नमिता को दर्द हो रहा था पर मेरे सर पर चुदाई का ऐसा भुत सवार था की किसी की भी परवाह नहीं थी |

मैं नमिता के उप्पर चढ़कर चोदे जा रहा था और उसकी उसकी चुत से खून भी निकल रहा था | जब नमिता चींखें लग तो मैंने रहत की सांस ली अपने लंड को निकाल और कुछ देर उसे सहलाते हुए उसकी चुत का खून साफ़ किया | जब नमिता की चुत फिर से अब चुदाई के मुझे तैयार लगने लगी तो मैंने धक्के पलते हुए गरमा गर्म चुदाई शुरू कर दी और वो आँखें मीचे आःह्ह आहाहह्हा जानू चोद मुझे . .!! कहकर सीत्कारें भर रही थी | इस बार उसकी चुत से खून नहीं बल्कि कामरस की मलाई बह रही थी | उस दिन के बाद चुदाई खत्म होते ही वो मेरे घर से भाग गयी और आज तक कभी मेरे सामने नहीं आई |

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