एक साथ तीन लड़कों से अपनी चुत और गांड मरवाई

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नमस्कार दोस्तों में राजवी मेहता एक बार फिर आप के लिए एक नई कहानी लेके आई हु जो की मेरी आप बीती है और ये सच्ची कहानी है दोस्तों जब में किसी के बिस्तर की दास्ताँ पढ़ती हु तो बहुत मजा आता है इस लिए आज में भी अपनी दास्ता सुनाना चाहती हूँ। दोस्तों में एक शादीशुदा सेक्सी लेडी हूँ शादी से पहले में अपने भोसड़े में अनगिनत लण्ड ले चुकी हूँ शादी के बाद मेरा ऐसा कोई दिन नहीं गया जिस दिन मेने चुदाई नहीं करवाई हो यहाँ तक की जब में पीरियड में होती हु तो भी चुद्वाती हूँ अब में मर्द के बिना सपने में भी नहीं रह सक्ती हूँ।

में एक सेक्स एडिक्ट हो चुकी हूँ। लो अब मुद्दे पे आती हूँ। दोस्तों मेरी उम्र 26 है अभी में अपने ससुराल पंजाब में रहती हु मेरी शादी अभी अभी हुई है मेरे पति का नाम मोहित है मेरी शादी एक अमेरिकन सिटीजन लड़के से करवाई। आप सब तो जानते ही है की पंजाब में सब लोग बहार के रिश्ते ही ढूंढ़ते है शादी के बाद में मेरे पति देव इंडिया में 5 महीने रुके तो हमने खूब मजे किये और चुदाई तो बहुत ज्यादा करवाई। मेरे सास और ससुर जी  गोवेर्मेंट जॉब है इस लिए जब वो दोनों जॉब पर जाते तो में घर पे अकेली रहती थी मेरे घर में ३ लड़के किराए पे रहते हैं मेरा घर बहुत सेफ है पूरी तरह बन्द, बड़ा सा मेन-गेट है।

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३ लड़के किराए पे रहते हैं वो मुझे जब मिलते तभी वासना उनकी आँखों में दिखती वो मेरा सेक्सी बंदन देख रह नहीं पाते। पति के जाने के बाद मैं चुदने को बेचैन रहने लगी। फिर मैंने सोचा कि उनमें से एक लड़के को पसंद किया और उस पर डोरे डालने चालू किये। जब वो छत पे बैठे रहते, मैं कपड़े सुखाने के लिए जब जाती तो जानबूझ कर झुक कर उनको अपने मस्त गोल मोल मम्मे दिखाती। उनकी निगाहें भी मेरे मलाई जैसे मम्मो पे रहती। जब मैं उनके पास से निकलती, अपने होंठ चबा देती, गाण्ड मटका मटका के चलती। वो आहें भरते, कॉमेंट देते- क्या माल है यार ! उनकी ऐसी बातें मेरी प्यास और बढ़ा देती। आख़िर एक दिन ऐसा मिल ही गया। सास ससुर को किसी काम से मेरी बड़ी वाली ननद मिन्नी के घर जाना था।

मिन्नी जयपुर में रहती है, ननद के पेपर चल रहे थे, वो वैसे भी रोज़ ९ बजे चली जाती मेरी सासू माँ उन लड़कों को अपने बच्चों की तरह समझती और रोज़ सुबह उनके लिया चाय बनवा के भेजती इसीलिए उन्होने मुझे कहा कि तुम इनकी चाय बना दिया करना और आवाज़ लगा देना, ले जाया करेंगे। अँधा क्या चाहे दो आँखें ! मैंने कहा- जी ठीक है ! अगली सवेर हुई, मैं जल्दी उठ जाती हूँ वैसे भी आज मुझे बन-ठन  के रहना था, सेक्सी कपड़े, मैंने सेक्सी गले का सूट पहन लिया वो भी नेट का, जिसके पीछे ज़िप। आलिया के जाने के बाद मेने गेट बंद कर दिया आलिया मेरी छोटी ननद है जो स्कूल जाती है अब में रसोई से चाय बना के उनको आवाज़ लगाने की बजाए खु्द ही उपर चली गई, दरवाज़ा खड़काया तो उनमे से मनीष ने दरवाज़ा खोला मुझे देख मनीष खुश हो गया, बोला- भाभी आप ! चाय?

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मैंने कहा- जी हाँ जनाब ! सासू मां मेरी ड्यूटी लगा के गई हैं ! मनीष ने टी-शर्ट और नीचे सिर्फ़ कच्छा पहन रखा था मेरी नज़र बार बार मनीष के फ़ूले हुए आधे जगे लंड पे चली जाती। मनीष बोला- भाभी ! क्या देख रही हो? कभी अपने पति को कच्छे में नहीं देखा? मैं बोली- हट ! मनीष ने चाय मेज़ पे रख दी और मेरी कलाई पकड़ मुझे अपनी तरफ खींच लिया और अपनी बाहों में ले लिया। मैंने कहा- क्या कर रहे हो? फिर मनीष बोला की भाभी आप ने हमें बहुत तड़पाया है रोज आप हम तीनो के लण्ड खड़े कर देती हो जानबूझ कर अपने मम्मे दिखाती हो, कभी होंठ काटती हो, कभी ज़ुबान होंठों पे फेरती हो !

इतनी गर्मी तो आप की ननद आलिया में भी नहीं है ! कहते हुआ मनीष बोला- आज हम सब मिलकर चाय पीते है ! फिर नरेश उठा और उसने भी मुझे अपनी बाहों में ले लिया और बोला- आज मौका है, भाभी चुदवा लो ! हम जानते हैं तुम बहुत चुदासी औरत हो ! तभी नयन बोला- हाँ भाभी ! आज चोदने दो ! मैंने भी सोचा की ये तो सोने पे सुहागा है – तीन लड़के ! शादी से पहले तो मुझे  दो लड़को के साथ एक बार में मैं सो चुकी थी,लेकिन तीन के साथ तो कभी नहीं सोइ अब मेरी चूत गीली होने लगी और मैंने खुद को उन्हें सौंपते हुए नरेश से चिपक गई। तभी नयन ने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया, मुझे पता नहीं चला।

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जब सलवार नीचे गिर गई, नरेश ने पीछे से ज़िप खोलते हुए कमीज़ उतार दी। मनीष ने मेरी ब्रा खोल दी। मैं उनके बिस्तर में घुस गई और वो भी रज़ाई में आ गए। अब मेने अपने दोनों हाथो में नयन और मनीष के लोडे पकड़ लिए। नयन रज़ाई से बाहर खड़ा था, नयन ने अपना सोया हुआ लंड मेरे मुँह में डाल दिया। मैंने उसको चूस चूस के खड़ा कर दिया, लॉलीपोप की तरह चूस रही थी। नरेश बोला- साली रंडी सच में बहन की लौड़ी चुदासी है ! तभी नरेश ने भी रज़ाई से निकलते हुए अपना आधा खड़ा लंड मेरे मुँह में डाल दिया, फिर मेने उसका लण्ड भी चूस कर खड़ा कर दिया, मनीष ने भी अब अपना लंड मेरे होंठों के पास लगा दिया और मैं बारी-बारी तीन लंड चूसने लगी। वाह ! कितना मज़ा दे रही है साली रंडी ! तभी नयन बोला- चल साली टाँगे खोल ! चिकनी चूत चाटने दे !

नयन मेरी चूत चाटने लगा। आिइ उईईइ हा ! साथ साथ मेरी गाण्ड में उंगली करने लगा। मनीष का लंड मैं बिना रूके चूस रही थी। तभी नयन ने मुझे कहा- घोड़ी बनो भाभी जी ! मैं घोड़ी बन गई। नयन ने कोल्ड क्रीम अपने लंड पे लगा के लंड मेरी गाण्ड में डाल दिया। हाए ! क्या किया ! इसको क्यूँ चोद रहा है? नयन बोला- मुझे गाण्ड मारनी पसंद है ! मनीष नीचे से मेरे स्तनों को चूस रहा था, कभी चूचुक को काट देता। नरेश मेरे मुँह में लण्ड डाल कर चुसवा रहा था, नयन ने अपना लण्ड मेरी गाण्ड से निकाल लिया और खुद सीधा लेट गया, मुझे कहा कि ऊपर से आ कर गाण्ड में डाल लो !

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मैंने नयन का लंड अपनी गांड में पूरा अंदर ले लिया। तभी नरेश ने दराज़ से कंडोम निकाल कर अपने लंड पे चढ़ा लिया और बीच में बैठ उसने मेरी चूत पे थूक लगा के उंगली डाली ! सीईईईईई उहह आह के साथ उसने एक मिनट में मेरी फुदी में ज़ुबान डाल के गरम कर दिया और लंड पेल दिया। जब उसने पूरा घुसा दिया, नयन रुक सा गया। लेकिन जल्दी दोनों तेज़-तेज़ चोदने लगे। हाए !साली तू तो अपनी कुँवारी ननद से भी खरा माल निकली !

मनीष अपनी मस्ती में लंड चुसवा रहा था। तभी नयन झड़ने वाला था नयन ने अपना लंड निकाल लिया और तभी नरेश को लन्ड निकलना पड़ा लेकिन जल्दी से मनीष मेरे नीचे लेट गया और अपना लंड नयन की जगह डालते हुए चोदने लगा। नरेश ने अपना लन्ड  फ़िर डाल दिया। नयन ने बोला- मेरा लन्ड चूस के माल निकाल दो ! लेकिन मैं उसकी मूठ मारने लगी। चूस चूस ! तभी नयन को जोश आया उसने खुद मूठ मारते हुए अपना पूरा माल मेरे होंठों पे डाल दिया और लौड़ा मेरे मुँह में डाल दिया। मैं चुद रही थी, गरम थी, मैं भी उसका एक एक कतरा पी गई और चाट चाट के साफ कर डाला।

तभी नरेश उठा और उसने भी कंडोम उतार दिया और मूठ मारते हुए अपने लंड का सारा माल मेरे मम्मों पे डाल दिया और उसको मेरे निप्पल्स के साथ मसलने लगा। मैंने झट से नरेश के लन्ड को पकड़ के खींचा और चाट कर साफ कर दिया। नरेश और नयन  दोनों बराबर में लेट के हाँफने लगे और मनीष अब मुझे अपने नीचे डाल के फुदी मारता हुआ जल्दि ही छुट गया। उसने सारा माल मेरे अंदर डाल दिया। उसने कंडोम नहीं लगाया था। सो दोस्तों ! दो बजे तक कमरे में नंगा नाच चला ! तीनों ने एक एक बार और चोदा, मेरी प्यास बुझा दी, इतना मज़ा दिया। फिर मैं हर रोज़ एक से चुदवाती और फिर ननद रजनी को भी खेल का हिस्सा बना लिया।

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