नदी के पास चूत आई रास

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मेरे प्यारे दोस्तों और लंड के बालों आज मैं मुन्ना आपके सामने फिर से हाज़िर हूँ अपनी एक मस्त चुदाई कथा लेकर | उम्मीद करता हूँ आप सब इसे पढके मज़े करेंगे और मुझे भी अच्छा लगेगा जब आप मेरी कहानी को पढ़कर मुट्ठ मारेंगे | कई लोग तो अपनी सेटिंग या बीवी की चूत में मुट्ठ की नदी बहा देंगे | तो दोस्तों जो लोग पुराने पाठक है उनके लिए ढेर सारा प्यार और जो नए जुड़े हैं उनके लिए मैं अपना एक छोटा सा परिचय देता हूँ | तो भैया मेरा नाम है मुन्ना पंडा (छोटी लुल्ली वाले) | मैं सतना के पास बंजारी गाँव का रहने वाला हूँ और फिलहाल कटनी में एक छोटी सी दूकान चलता हूँ | मेरे साथ सिर्फ मेरी बीवी रहती है जो मेरा काम में साथ देती है और मैं चुदाई की कहानी का बहुत बड़ा शौक़ीन हूँ | मैंने कई बार सोचा था मैं अपनी कहानी लिखू फिर मुझे पिछले महीने एक मौका मिल ही गया और आपने उस कहानी को इतना प्यार दिया जिससे आज मैं आपके लिए एक नयी कहानी लेके प्रस्तुत हो गया हूँ |

दोस्तों वैसे तो ये किस्सा मेरा नहीं मेरे दोस्त का है पर है बड़ा मजेदार और मसालेदार | मुझे भी उसने इसमें शामिल कर ही लिया पर अंतिम वक़्त पर मैंने अपना हाथ पीछे खींच लिया क्यूंकि मेरी बीवी मुझपे बहुत भरोसा करती है और मैं उसकी इज्ज़त करता हूँ | मैंने कभी भी उसे किसी चीज़ के लिए मन नहीं किया और वो भी मेरा पुरजोर समर्थन करती है | तो दोस्तों जैसा कि मैंने कहा ये कहानी मेरे दोस्त की है | अन्नू पटेल नाम है मेरे दोस्त का और वो बहुत बड़ा बुर चोद इंसान है | उसे कहीं भी बुर मिले वो साला चोद देता है चाहे वो कैसी भी हो |
कई बार तो मैंने उसको कंडोम लाके दिया | तो दोस्तों किस्सा शुरू होता है देओरी से जो की हम दोनों का ननिहाल है | हम दोनों वहां खूब खेले और बड़े हुए और वहीँ से हमने सब सीखा |

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सबसे अच्छी बात हमारे गाँव की यह थी के वहां पे एक छोटी नदी है जिसमे हम लोग गोटे लगते थे क्यूंकि वो गेनरी नहीं है | और नदी मतलब नंगी नंगी औरतें और उनके मास्ट्स स्तन और गांड | हमलोग वह पेड़ पे चढ़ जाते और नंगी नंगी महिलायों को देखके मुट्ठ मारते | उस वक़्त हम दोनों शायद १८ साल के रहे होंगे | एक बार गलती से अन्नू ने एक औरत पे अपना मुट्ठ गिरा दिया और उसने हम दोनों के बड़े लुल्ले देख लिए | वो गुस्सा हो गयी और उसने गाली देते हुए कहा | नीचे उतरो से मादरचोद कहाँ है तेरा घर आज तेरी अम्मा से बताउंगी क्या गुल खिला रहे है तेरे लड़के |

हम दोनों डर गए और उससे माफ़ी मांगने लगे धीरे धीरे हम दोनों उसके पैरों में गिर गए और वो तब थोड़ी हलकी पड़ी | मैं तो माफ़ी मांग रहा था पर अन्नू साला थोडा सा पेटीकोट उठा के उसकी चूत देख रहा था | वो पीछे हुयी और हम दोनों को उठाया और कहा | अभी तुम लोग बच्चे हो ऐसा करना ठीक नहीं है नहीं तो कोई बिमारी हो जाएगी | हमने भी उसकी बात एक बार में मानली और कहा आगे से ऐसा नहीं करेंगे | वो मान गयी और अब जब भी हम नदी के पास जाते और वो औरत दिखती तो वो हमें कभी जामुन तो कभी लड्डू खिलाती | वैसे दिखने में वो बिलकुल गदराई हुयी थी और सुन्दर भी थी | उसकी नयी नयी शादी हुयी थी चमन पासी के लौंडे गुल्लू पासी से |

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गुल्लू पासी एक नामर्द लौंडा क्यूंकि उसे लड़कियों में नहीं लडको में रूचि है | उसे तो एकबार हमलोगों ने खूब मारा था क्यूंकि वो एक बच्चे की गांड मार रहा था पुलिया के पीछे | पर उसके बाद भी वो नहीं सुधरा और उसने एक बुद्धे को पटा लिया था गांड मरवाने के लिए | पर उससे हमे क्या ? हम लोग रोज़ नदी के पास जाने गए और वो औरत रेनू हम दोनों से बहुत बातें करने लगी | मतलब वो इस कदर लेहेट गयी थी कि वो हमारे सामने कपडे उतार के नंगा नहाने लगी थी | और हम दोनों उसको चूतियों की तरह देखते | एक दिन अन्नू और मेरी शर्त लगी कि जो उसकी झांट का बाल तोड़ेगा उसको अगला गले तक दारु पिलाएगा | अब मुझे तो डर लगता नहीं था गांड तो अन्नू की फट जाती थी इसलिए हम दोनों नदी के पास गए और वो भी आई | वो बस अपने दूध दिखाती थी और पेटीकोट पहने रहती थी | उसकी चूत हम दोनों में से किसी ने नहीं देखि थी | उसने नहाना शुरू किया और मैंने उसे आवाज़ लगायी रेनू | वो पलती और मुस्कुराते हुए कहा क्या ?

मैंने उसके पास गया और उसके होठ को चूमते हुए उसे दूध तक आया और एकदम से उसका पेटीकोट उठाया | सीधे उसकी चूत पे मुह रखा और उसको सूंघते हुए चूम लिया | मैंने उसकी झांट के कुछ बाल तोड़ लिए | वो सोचती रह गयी आखिर ये हुआ क्या | फिर जब उसने नाहा लिया तो उसने देखा हम दोनों लंड निकाल के मुट्ठ मार रहे हैं | वो बीच में आके बैठ गयी और हमारे लंड पकडके हिलाने लगी | उसने पुछा ये क्या था जो अभी हुआ | मैंने कहा शर्त लगी थी तेरे झांट के बाल तोड़ने की | उसने कहा तो मांग लेते खुद दे देती मैं | और इतना बोलके लंड हिलाते हुए हमारा मुट्ठ निकाल दिया | उसने कहा बस इतना ही क्या ? तुम दोनों अगर मुझे जिंदगी भर भी चोदोगे न तो भी मैं कुछ नहीं कहूँगी | हम दोनों की आँख में चमक आ गयी |

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उस दिन हम लोग ख़ुशी ख़ुशी घर गए ये सोचते हुए कि कल उसकी चूत को चोद चोद के फाड़ देंगे और हम पल बस उसे चोदते रहेंगे | पर घर जाते ही मुझे पता चला कि मेरे पिताजी ने मेरी शादी मेरी बचपन की दोस्त के साथ तह कर दी है | मैंने बहुत सोचा चोद लूँ पर मन नहीं हुआ मेरी दोस्त और होने वाली बीवी को धोखा देने का | अगले दिन नदी पे हम दोनों पहले से ही पहुंह गए और मैंने सब कुछ अन्नू को बता दिया | आनु ने कहा चल बे चोद लेना समझा कुछ नहीं होगा किसी को पता भी नहीं चलेगा | मैंने कहा ठीक है और इतने में रेनू आ गयी और उसने हम दोनों को पकड़ के चूमना चालु कर दिया |

हम दोनों ने भी उसको चूमना चालु किया और उसके कपडे उतारने लगे | सबसे पहले हमने उसके दूध पकडे और एक एक करके उसके दूध को चूसते जा रहे थे | वो अन्नू ने उसकी चूत में ऊँगली डाल दी और अन्दर बहार करने लगा और वो सिस्कारियां भरने लगी | वो आःह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म करते हुए कह रही थी आज मेरी प्यास बुझा दो | और इतने में उसने मेरा लंड पकड़ा और हिलाने लग गयी | वो बैठी और उसने हम दोनों को भी बैठा दिया | उसने मेरे लंड को अपने मुह में लिया और अन्नू से कहा मेरी चूत को चांटो | वो आःह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म करते हुए मेरा लंड चूस रही थी और मैं भी आःह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म कर रहा था | उसकी जीभ जब मेरे सुपदे पे लग रही थी तो मुझे जन्नत का एहसास हो रहा था | मैं आःह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म करता जा रहा था और उसके दूध को मसलता जा रहा था | धीरे धीरे मेरा जोश और बढ़ गया और मैंने उसकी गांड में ऊँगली डाल दी और उसे चोदने लगा | अन्नू भी पूरा गरमा गया था और उसने उसकी चूत में अपने लंड को पेल दिया | वो चिल्लाने लगी और कहने लगी और तेज़ी से चोद मुझे फाड़ दे आज मेरी चूत साला नामर्द पति है मेरा |

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इतना बोलते हुए जोर जोर से आःह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म करने लगी | उसने मेरा लंड फिर से चूसने के लिए पकड़ा और चूसने लगी | कुछ देर बाद मेरा मुट्ठ उसके मुह में भर गया और मैं बहुत जोर से आःह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म करते हुए उसके मुह को चोदने लगा | वो मेरा सारा लंड पी गयी | और उसने चूसना चालु रखा और थोड़ी देर बाद उसने मेरा लंड फिर से खड़ा कर दिया और कहने लगी तुम मेरी गांड मारो मुझे दो दो लंड से चुदना है आज |
मैंने मन कर दिया और इतने में अन्नू ने अपना लंड डाल दिया उसकी गांड में और वो चिल्ला पड़ी | थोड़ी देर बाद वो आःह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म करने लगी और मैंने उसकी चूत पे मुह रखा और जोर जोर से चाटना लगा और ऊँगली से चोदने लगा | हमने कई बार चुदाई की उस दिन और करीब ६ घंटे तक उसके साथ ऐसी ही चुदाई मचाई पर मैंने अपना लंड उसके किसी भी छेद में नहीं डाला | मैं अपनी बीवी को धोखा नहीं देना चाहता था पर आज भी उसके साथ हम लोग ऐसा करते हैं |

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