केमिस्ट्री के साथ पढ़ी चूत की मिस्ट्री

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केमिस्ट्री के साथ पढ़ी चूत की मिस्ट्री

अब मैं अपनी एक सच्ची कहानी आपके सामने रखने जा रहा हूँ। मैं आज अपने और हर्षा के बारे में बताँऊगा…

जब मैं इण्टर में था तब मैं कैमेस्ट्री के विषय में कमजोर था, तो तब मैंने कोचिंग क्लास जाने की सोची।

मेरे स्कूल में हर्षा मेरे साथ पढ़ती थी। हर्षा को पढ़ाने एक सर उसके घर आते थे मैंने सर से बात की और मैंने भी उसके घर जाकर कोचिंग लेना शुरु की।

मैं रोज़ उसके घर पढ़ने जाता था पर एक दिन सर पढ़ाने नहीं आये और हमने पूरा वक्त बातें की।

धीरे धीरे मेरे और हर्षा में नज़दीकी बढ़ गई और तभी लाइट चली गई और 2 मिनट बाद लाइट आ गई।

मैंने मज़ाक मे कहा लाइट गई पर तुमने कुछ किया नहीं। एक किस दे देती तो उसने कहा – अब लेलो।

मेरी तो लौटरी लग गई!!! मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिये और अगले दिन से मैं समय से पहले कोचिंग आता और सर के जाने के कुछ देर बाद घर जाने लगा था।

उसका रुम ऊपर था और हम लोग ऊपर वाले कमरे में पढ़ते थे और उसके मम्मी पापा नीचे वाले कमरे में रहते थे।

हम लोग रोज़ किस करते थे। एक दिन सर के जाने के बाद मैं उसे किस करके घर जाने लगा, तब देखा नीचे उसके घर पर कोई नहीं था।

मैंने हर्षा से पूछा – सब लोग कहाँ गये?

तो उसने बताया – मम्मी पापा को पार्टी में जाना था, तो वो लोग चले गये।

मुझे और क्या चाहिए था – एक मौका!! जो मुझे मिल गया…

मैंने उसे पकड़कर लौंग किस किया और किस करते वक्त मेरा हाथ उसके बूब्स पर चला गया और मैंने उन्हे दबाना शुरु कर दिया और उसने कोई विरोध नहीं किया और उसके मुँह से सिसकारी निकलने लगी।

तभी मेरे फोन पर मेरे पापा का फोन आया और मुझे घर जाना पड़ा।

अगले दिन मेरे पापा को अंकल का फोन आया कि 4 दिन बाद उनके बेटे की शादी है, उन्होंने सबको आने को कहा है पर मैं इम्तिहान का बहाना मारकर रुक गया और अगले दिन मैंने सर को बोल दिया कि मैं शादी में जा रहा हूँ।

मैंने हर्षा को बोला उसने भी बिमारी का बहाना बना लिया और उसने सर को फोन कर दिया और वो मम्मी को बोलकर मेरे घर आ गई कि वो मेरे यहाँ नोट्स लेने जा रही है।

वो मेरे घर आयी और मैं उसे बैडरुम में ले गया और उसे किस करने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी।

मैंने उसके बूब्स दबाना शुरु किया और फिर मैंने उसका टाप उतार दिया और ब्रा भी उतार दी। अब मैं उसके बूब्स चूसने लगा और वो भी मेरे पैंट के ऊपर से ही मेरा लण्ड सहलाने लगी।

फिर मैंने उसकी जीन्स उतार दी और पैंटी भी उतार दी और उसने भी मेरी पैंट उतार दी और हम लोग 69 पोजिशन में आ गये।

मैं उसकी चूत चाट रहा था और वो मेरा लण्ड।

वो मेरे 7″ लम्बे और 2.5″ मोटे लण्ड को देखकर डर गई पर मैंने कहा – डरो मत, कुछ नहीं होगा और मैं उसके चूत के दाने को जब भी अपनी जीभ से मसलता वो जोर सिसकारी लेती आह…

फिर वो कहने लगी – अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है सिड, अंदर डाल दो; प्लीस!!!

मैंने उसकी चूत पर अपना लण्ड रखा और झटका मारा तो मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में चला गया और उसकी आँखों में आँसू आ गये और वो कहने लगी – निकालो अपना लण्ड… पर मैंने नहीं निकाला और थोड़ी देर रुक गया और मैंने एक और झटका मारा, मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत मे चला गया।

फिर थोड़ी देर बाद उसने अपनी कमर उछालनी शुरु कर दी और मैंने भी स्पीड बढ़ा दी।

15 मिनट तक हमने चुदायी की जिसमें वो दो बार झड़ चुकी थी और फिर मैंने भी अपना पानी उसकी चूत में डाल दिया और मैं उसके ऊपर ही लेट गया और 10 मिनट बाद वो कपड़े पहनकर अपने घर चली गई।

फिर एक साल तक हमें जब भी मौका मिलता चुदायी करते थे। अब वो भोपाल चली गई है और मेरी अब कोई बात नहीं होती।

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