अंदर आ जाओ मेरे जानू

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अंदर आ जाओ मेरे जानू

मेरा नाम राज है और मैं 18 साल का हूँ।

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बात उन दिनों की है जब मैं पंद्रह साल का था।

मैं फ़ेसबुक बहुत युज करता था कि तभी मेरी एक लड़की के साथ दोस्ती हुई जो की मेरे ही स्कूल की थी और मुझे पता नहीं था।

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बातों-बातों में मुझे उसी लड़की ने बताया कि मैंने आपको देखा है।

मैंने पूछा – आपने मुझे कहाँ देख लिया, मैंने तो आजतक आपको कभी देखा नहीं।

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तो उसने कहा – सच्ची, मैंने आपको देखा है।

मैंने कहा – ठीक है और फिर मैंने पूछा – क्या आप मुझ से मिल सकते हो?

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उसने कहा – ज़रूर…

मैंने उसे बताया – आप मुझे बॉयोलॉजी लैब के बाहर मिलना। तो उसने कहा – ठीक है।

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सॉरी, मैं उसका नाम बताना भूल गया। उसका नाम मानसी था और वो 14 साल की थी और बेहद सुंदर भी थी।

तो अब मैं स्टोरी पर आता हूँ…

हम दोनों मिलने पहुँचे।

जब वो मेरे सामने आई, वो स्कूल की ड्रेस में थी। सफेद शर्ट और स्कर्ट में। उफ़!!! क्या लग रही थी कसम से।

मैंने उसे हेलो कहा और उसने भी और हम दोनों ने हैंड शेक किया।

फिर मैंने उससे कहा – मैंने आपको कभी नहीं देखा है।

तो उसने कहा – मैंने तो आपको कई बार देखा है, मगर आपने मुझ पर कभी ध्यान नहीं दिया।

मैंने मन ही मन सोचा – साला, मैं भी कितना बड़ा पागल हूँ, जो इस एंजल को नहीं देखा।

फिर मैंने उससे इधर-उधर की बातें की और उससे उसका फोन नंबर माँगा।

उसने मुझे बड़ी आसानी से दे दिया और कहा – मेरी क्लास स्टार्ट होने वाली है, मुझे जाना है।

फिर उसने कहा – नाइस टू मीट यू।

फिर हम दोनों चले गए और 5 घंटे बाद स्कूल की छुट्टी हो गई।

मैंने घर पहुँचते ही उसको मेसेज किया – हेलो…

उसका तुरंत रिप्लाइ आया – आप कौन?

मैंने कहा – मैं राज बोल रहा हूँ।

उसने कहा – ओह!!! ठीक है और क्या कर रहे हो आप?

मैंने कहा – कुछ नहीं, आपके बारे में ही सोच रहा था और हम यूँही इधर-उधर की बातें करने लगे।

फिर हम धीरे-धीरे क्लोज़ फ्रेंड्स बन गए और एक दिन मानसी ने मुझसे कहा – राज, मैं आपसे प्यार करने लगी हूँ, मेरे दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा और मैंने भी कह दिया – मैं भी।

सच कहूँ दोस्तो, शायद मुझे भी उससे सच मैं प्यार हो गया था।

फिर हम दोनों एक-दूसरे से रोज प्यार भरी बातें करने लगे और फिर एक दिन हम दोनों ने फिल्म देखने का प्लान बनाया।

उस दिन हम स्कूल बंक करके फिल्म देखने गए, वो हॉलीवुड फिल्म थी।

हम दोनों कॉर्नर की सीट पर बैठे और फिल्म देखने लगे। कुछ देर बाद एक किस्सिंग सीन आया, वो बहुत ही सेक्सी सीन था।

वो मुझे देखने लगी और मैंने उसे देखा।

वो मेरे करीब आई और मुझे उसने पहली बार किस किया। ओह!!! कितना मज़ा आ रहा था।

वो मुझे पागलों की तरह किस किए जा रही थी और मैं भी। फिर मुझे अजीब सा लगने लगा और मेरे हाथ उसको टच करने लगे।

मैं उसके बूब्स पर टच करने लगे और वो और ज़्यादा पागल होने लगी।

मैंने उसको अपने से दूर किया, क्यूंकी हॉल मैं लोग शायद हमें देख रहे थे।

हम लोग मूवी देख कर वहां से निकले और फिर घर पहुँचे।

घर जाते ही मैंने उसे मेसेज किया – हेलो, बेबी।

उसने कहा – हेलो, जानू।

उसने मुझे बताया कि उसके घर पर कोई भी नहीं।

तो मैंने कहा – मैं आ आता हूँ।

उसने भी कहा – आ जाओ ना, जानू।

मैं फिर उसके घर पहुँच गया।

उसके घर पर मैंने उसको मेरा इंतज़ार करते हुए देखा और उसने जल्दी से दरवाजा खोल दिया और मुझे कहा – अंदर, आ जाओ मेरे जानू।

मैं अंदर गया, उसके घर पर कोई नहीं था। अंदर जाकर मैं सोफे पर बैठ गया और वो पानी लेकर आ गई।

फिर वो मेरे पास बैठ कर मुझे देखने लगी और धीरे से मेरे करीब आई और मुझे मेरे गालों पर किस किया।

कुछ देर मेरे गालों को चूमने के बाद वो मेरे लिप्स पर किस करने लगी।

फिर क्या था अब मैं भी चालू हो गया। मैं उसे अपनी गोद में लेकर किस करने लगा और वो मेरे बाल पकड़ कर नोचने लगी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी।

अब मैं धीरे-धीरे किस करते-करते उसके बूब्स पर आया और पर उन्हें बेतहाशा चूमने लगा।

मैं उसके पूरे बदन को पागलों की तरह ना जाने कितनी देर तक चूम और चाट रहा था।

हम दोनों वासना में पूरी तरह डूब गए थे और ज़रूरत से ज़्यादा गरम हो गए थे।

अब मैं उसके कपड़े उतरने लगा और एक ही पल में वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा में थी और मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा।

अब मुझ से रहा नहीं गया और मैंने उसकी ब्रा भी उतार फेंकी और उसके गुलाबी निप्पल को अपने हाथों में लेकर दबाने लगा और चूसने लगा।

वो मुझ से चिपकी हुई थी और मेरे बाल पकड़ कर खींच रही थी, ये मेरा पहला सेक्स अनुभव था।

मैं पागलों की तरह उसके साथ खेल रहा था और वो भी मेरे साथ खेल रही थी, क्यूंकि उसका भी ये पहला मौका था।

हम दोनों एक-दूसरे में बिल्कुल खो चुके थे।

अब मैंने उसे सोफे पर लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसके पूरे शरीर में चूमने लगा।

अब उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे शरीर को बेतहाशा चूमने लगी।

मैंने अब उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी योनि को देख कर चोंक गया, उस पर बिल्कुल भी बाल नहीं थे।

एकदम साफ और मैं सोचने लगा उसके अंदर मैं अपना लण्ड कैसे घुसाऊँगा।

फिर मैंने सोचा – पहले शुरू करता हूँ, जो होगा देखा जाएगा।

और मैं अपने लण्ड को उसके योनि में घुसाने लगा और वो चिल्लाने लगी, मगर मैं रुका नहीं और एक ज़ोर का झटका दिया और लण्ड थोड़ा सा अंदर घुसा और खून निकलने लगा और वो चिल्लाने लगी और कहने लगी – प्लीज़, और मत करो।

फिर मुझे भी तरस आने लगा। मैंने कहा – सॉरी, स्वीटहार्ट।

अब मैं रुककर उसे किस करने लगा और बूब्स दबाने लगा। फिर कुछ देर बाद उसे अच्छा लगने लगा।

फिर मैंने थोड़ा लण्ड और घुसाया और फिर धीरे-धीरे मेरा पूरा लण्ड अंदर-बाहर होने लगा और मैं उसके साथ सेक्स का मज़ा लेने लगा।

उसे भी अच्छा लग रहा था और वो मुझ से चिपकी हुई थी और मुझे पागलों की तरह नोच रही थी और बाल खींच रही थी और किस कर रही थी।

फिर पंद्रह मिनट बाद मेरा निकलने वाला था तो मैंने कहा – स्वीटहार्ट, मेरा निकलने वाला है तो उसने कहा – अंदर ही निकाल दो तो फिर मैंने उसके अंदर ही निकाल दिया और उसके ऊपर गिर गया।

थोड़ी देर बाद हमने फिर से वोही खेल खेला लेकिन फिर उसके मम्मी-पापा का आने का टाइम होने वाला था तो मैं भी जल्दी से कपड़े पहन कर जाने के लिए रेडी हो गया और मैं घर आ गया।

उसके बाद भी मैंने उसके साथ बहुत बार सेक्स किया।

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी ये पहली रियल कहानी…

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